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आज पुरे देश में हिंदूद्रोही मिडीया पूज्य आसारामजी बापू जैसे हिंदू संतोंपर घिनौने आरोप लगा रहा है । अभीतक बापूजी , पर किये गये आरोप सिद्ध भी नही हुए है, फिर भी मिडीया उन्हें लगातार ‘बलात्कारी’ कह रही है । परंतू यह मिडीया कल अगर बापूजी पर लगाए गए आरोप असत्य साबित होंगे, तो इस बारे में एक मिनीट की न्यूज भी नही दिखाएगी । हिंदूओ, जागे एवं इस मिडीया का पुरी तरह से बहिष्कार करे । – संपादक

हिंदुओ, प.पू. आसारामबापूकी अपकीर्तिके संदर्भमें यह जान लें !

 

लम्बे समय से संत श्री आसारामजी बापू व आश्रम को बदनाम करने के उद्देश्य से तरह-तरह के आरोप लगाये जा रहे हैं, परंतु सभी आरोप झूठे और निराधार साबित हुए हैं । अब एक नयी सोची-समझी साजिश के तहत शाहजहाँपुर (उ.प्र.) की एक लड़की को मोहरा बनाया गया है ।

इस साजिश को झूठी, निराधार एवं मनगढ़ंत सिद्ध करनेवाले कुछ तथ्य इस प्रकार हैं –

  • लड़की के द्वारा छेड़खानी के झूठे आरोप लगवाये गये और फैलाया गया कि बलात्कार का आरोप लगाया गया है । यह भी प्रचारित किया गया कि मेडिकल जाँच रिपोर्ट में भी इसकी पुष्टि हुई है । जबकि वास्तविकता तो यह है कि लड़की की मेडिकल जाँच रिपोर्ट में बलात्कार की बात को पूरी तरह खारिज कर दिया गया है । जोधपुर पुलिस ने भी स्वीकार किया है कि दिल्ली पुलिस ने केस गलत तरीके से दर्ज किया है । इतना ही नहीं, लड़की द्वारा पुलिस में की गयी एफआईआर व उसके बयान में ऐसा कहीं नहीं कहा गया है कि उसके साथ बलात्कार किया गया । फिर भी मीडिया द्वारा झूठी खबरें फैलाकर तथा करोड़ों लोगों की आस्था के केन्द्र पूज्य बापूजी के लिए अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करके देशवासियों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचायी गयी । यह कितना बड़ा अपराध है !
  • आरोप लगानेवाली लड़की के परिवार ने घटना के ५ दिन बाद एफआईआर क्यों लिखवायी ? तुरंत क्यों नहीं लिखवायी ?
  • लड़की है शाहजहाँपुर (उ.प्र.) की, उसने घटना बतायी जोधपुर (राजस्थान) की, और फिर एफआईआर दर्ज करायी दिल्ली में । इसीसे साफ होता है कि यह एक सुनियोजित साजिश है ।
  • लड़की मणई फार्म हाउस में आते ही बार-बार ‘बापूजी की कुटिया देखनी है – कुटिया देखनी है’ यह बात बोल रही थी । इस बात के कई साक्षी हैं । इससे यह साबित होता है कि उसको कुटिया देखकर कोई साजिश करनी थी ।
  • लड़की एफआईआर में जिस कमरे की घटना बता रही है, उस कमरे और कुटिया के गेट की दूरी मात्र ५०-६० फीट है और लड़की ऐसा बता रही है कि मेरी माँ कुटिया के गेट पर बैठी थी । उस रूम से कोई १६ साल तो क्या ६ साल का बच्चा भी चिल्लाता है तो शांत वातावरण होने से आवाज स्वाभाविक ही ५०० फीट तक जाती है और यह लड़की बार-बार चिल्लाती रही ऐसा उसने एफआईआर में लिखवाया । तो ५०-६० फीट पर बैठी लड़की की माँ को उसका चिल्लाना सुनायी क्यों नहीं दिया ? और उसके पिताजी जिस कमरे में रुके थे, वह कमरा करीब २०० फीट पर फार्म हाउस मालिक के घर के ऊपर है और नीचे घर में फार्म हाउस मालिक के घर के १० लोग रुके थे । इन सभीको चिल्लाने की कोई आवाज क्यों सुनायी नहीं दी ?
  • एफआईआर में लड़की ने बताया कि जब मैं चिल्लायी तो बापूजी ने मेरा मुँह दबाकर रखा और एक से डेढ़ घंटे तक मेरे शरीर पर हाथ घुमाते रहे । अब क्या यह सम्भव है कि एक हाथ से मुँह दबाकर रखा और दूसरा हाथ एक-डेढ़ घंटे तक उसके शरीर पर घुमाते रहे ? मुँह दबाने के निशान भी लड़की के मुँह पर नहीं थे । अगर होते तो फार्म हाउस के सदस्यों को दिखते ।
  • एफआईआर में लिखवाया गया है कि घटना के तुरंत बाद लड़की अपनी माँ से मिली और अपने पिताजी के पास गयी और उसने न ही अपनी माँ से कुछ जिक्र किया, न ही अपने पिताजी से ऐसा कुछ बताया । ऐसा क्यों ?
  • फार्म हाउस मालिक के घर की महिलाएँ बता रही थीं कि घटनावाले दिन (१५.०८.२०१३) रात्रि करीब ९.३० बजे पहले उसका पिता, उसके थोड़ी देर बाद (२-५ मिनट बाद) माँ और बेटी घर में आती हैं और पीने का पानी लेकर ऊपर के रूम में सोने चली जाती हैं और घरवाले लोग घर के अंदर से ऊपर जाने का रास्ता रोज के नियमानुसार बंद कर देते हैं । ऊपर के रूम से घर में नीचे आने का एक ही दरवाजा है । वह भी बंद था और उस दरवाजे के आगे घर की सारी महिलाएँ सो रही थीं तो यह घटना कैसे सम्भव हो सकती है ?
  • दिनांक १५.०८.२०१३ को रात्रि ८ बजे लड़की की सहेली कृतिका ने लड़की की माँ और लड़की को कहा कि ‘‘फार्म हाउस मालिक के घर बाहर से आनेवाले भाई लोग रुकनेवाले हैं तो आप दोनों हमारे साथ पास में ही जहाँ सब बहनें रुकी हैं, वहाँ चलो ।’’ उसी समय लड़की अचानक बीच में बोल पड़ी कि ‘‘अगर कमरे में जगह नहीं है तो मुझे छत पर बाहर सोना पड़े तो भी सो जाऊँगी पर यहाँ से कहीं नहीं जाऊँगी ।’’ इससे स्पष्ट हो गया कि रात में उसको वहाँ अपनी उपस्थिति दिखाकर साजिश की बुनियाद खड़ी करनी थी ।
  • लड़की व उसका परिवार 16 तारीख को सुबह करीब 8 बजे खाना खाने के लिए फार्म हाउस मालिक के घर में नीचे आया और लड़की, उसके परिवार और दिलीपभाई के परिवार ने साथ में बैठकर सहज में ही खाना खाया और उसके बाद लड़की नीचे घर में फार्म हाउस मालिक के डेढ़ साल के पोते को लेकर अच्छे से हँसी-खेली और खुश थी । अगर कोई घटना घटती तो उसके चेहरे पर कोई मायूसी होती, डर होता, जो कि नहीं था ।
  • लड़की छिन्दवाड़ा गुरुकुल छोड़ने से पहले अपने फ्रेंड्स को बताती है कि ‘‘मैं इस गुरुकुल में दुबारा किसी भी कीमत पर नहीं आऊँगी । मैं छिन्दवाडा गुरुकुल की नींव हिला दूँगी ।’’ इसीसे पता चलता है कि लड़की के दिमाग में शुरू से ही कुछ योजना चल रही थी ।
  • दिनांक १४ अगस्त की शाम करीब ६ बजे भक्तों की प्रार्थना पर बापूजी ने घूमने जाते वक्त कहा कि जिसको कुटिया के दर्शन करने हों, वह दर्शन करने जा सकता है । उस समय लड़की, उसकी माँ व उसके साथ पढ़नेवाली सहेली व अन्य कई भक्त लोगों ने कुटिया की परिक्रमा की । कुटिया के अंदर का जो विवरण इस लड़की ने बताया वही विवरण, अन्य भक्तों से पूछने पर वे भी सही-सही बता रहे हैं । तो क्या विवरण बतानेवाले सभी भक्तों के साथ भी यह घटना घटी है ? फिर लड़की ने वह विवरण बताया, इस बात को इतना बड़ा मुद्दा क्यों बनाया जा रहा है ?

इन सभी तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट निष्कर्ष निकलता है कि पूज्य बापूजी को एक सुनियोजित षड्यंत्र के तहत फँसाया जा रहा है ।

पिछले ५ वर्षों से आश्रम के ऊपर बच्चों पर तांत्रिक विधि करने आदि के झूठे, मनगढ़ंत आरोप श्रृंखलाबद्ध तरीके से लगाये गये । लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने दिनांक ०९.११.२०१२ को दिये अपने फैसले में इस प्रकार के सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया । साजिशकर्ताओं के हथकंडे बने राजू लम्बू, अमृत वैद्य, राजेश सोलंकी, सुखाराम ठग… सभी षडयंत्रकारियों को जेल जाना पड़ा ।

प्रबुद्ध नागरिकों का सवाल है कि कपोलकल्पित, मनगढ़ंत कहानियाँ ब्रेकिंग न्यूज के नाम पर मसाला लगाकर जनता तक पहुँचायी जाती हैं लेकिन उन्हींका पर्दाफाश होने पर सच्चाई लोगों तक क्यों नहीं पहुँचायी जाती ?

संत-समाज ने इसे संस्कृति के खिलाफ षड्यंत्र बताया है । देशभर में धार्मिक व सामाजिक संगठनों तथा महिला एनजीओज् ने धरना-प्रदर्शन करके तथा रैलियाँ निकाल के इस षड्यंत्र एवं दुष्प्रचार का जाहिर विरोध किया है ।

क्या जनता को गुमराह करनेवाले षड्यंत्रकारियों पर कड़क कार्यवाही करने के लिए प्रशासन सजग होगा ? न्यायालय भी ऐसे लोगों को कड़ा दंड दे ऐसी जनता की माँग है ।

 

प्रचारित की गयीं झूठी, मनगढ़ंत खबरें

यह है हकीकत

बापूजी के खिलाफ नाबालिग लड़की द्वारा ‘दुष्कर्म’ की एफआईआर दर्ज की गयी । लड़की के बयान तथा एफआईआर दोनों में दुष्कर्म की बात नहीं है ।
झूठी खबरें प्रचारित की गयीं कि दुष्कर्म की पुष्टि हो चुकी है | मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म होने की बात को स्पष्ट रूप से नकार दिया गया है ।
बापूजी का आश्रम सील कर दिया गया है । बापूजी का कोई भी आश्रम सील नहीं किया गया है । झूठ फैलाकर साजिशकर्ताओं ने अपनी मलिन मुरादों को ही उजागर किया है ।

शरद पूर्णिमा, जिसे कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहते हैं; हिन्दू पंचांग के अनुसार आश्विन मास की पूर्णिमा को कहते हैं। ज्‍योतिष के अनुसार, पूरे साल में केवल इसी दिन चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है।[1] हिन्दी धर्म में इस दिन कोजागर व्रत माना गया है। इसी को कौमुदी व्रत भी कहते हैं। इसी दिन श्रीकृष्ण ने महारास रचा था। मान्यता है इस रात्रि को चंद्रमा की किरणों से अमृत झड़ता है। तभी इस दिन उत्तर भारत में खीर बनाकर रात भर चांदनी में रखने का विधान है।7233

चंद्रमा मन का कारक है और उसकी चांदनी शीतलता पहुंचाती है। लेकिन यही चांदनी मानव के स्वास्थ्य को भी लाभ पहुंचाती है। मानव के अवगुणों को मिटाने के लिए भी चंद्रमा की चादनी सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है। वर्ष की चार सर्वश्रेष्ठ पूर्णिमाओं में एक मानी जाने वाली शरद पूर्णिमा सबसे अधिक लाभदायक है।

क्या है शरद पूर्णिमा

18 अक्टूबर को आश्रि्वन पूणिर्मा के दिन शरद पूर्णिमा है। पंडित विष्णु सरस बताते हैं कि पौराणिक कथाओं के अनुसार शरद पूर्णिमा पर भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ रासलीला की थी और इसी दिन चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से सुसज्जित होकर धरती को पूर्णतया प्रकाशमय कर देता है। उनके मुताबिक कालरात्रि, शिवरात्रि,दारूण रात्रि एवं मोह रात्रि यह चार रात्रि होती है जिनमें शरद पूर्णिमा को मोह रात्रि भी कहा जाता है।

औषधि पूर्ण होती है चांदनीsharad

शरद पूर्णिमा के दिन चांद की चांदनी औषधीय गुणों से सराबोर होती है। इस बारे में आयुर्वेदाचार्य राहुल चक्रवर्ती बताते हैं कि जिस प्रकार सूर्य की रोशनी शरीर को रोगमुक्त बनाती है। उसी प्रकार चांद की चांदनी भी इस दिन शरीर के लिए सबसे अधिक लाभकारी होती है। इस दिन की चांदनी में औषधीय तत्वों का समावेश होता है। इस दिन चांदनी में जरूर बैठना चाहिए।

आंखों के लिए है लाभकारी

इस दिन चंद्रमा को यदि एकटक त्राटक रेखा में देखा जाए तो आंखों का बहुत अच्छा अभ्यास होता है। इस दिन चंद्रमा की रोशनी में सुई में धागा डालने से भी नेत्रों की ज्योति बढ़ती है।

जरूर खाएं चांदनी की खीर

पं.महेश चंद वशिष्ठ बताते हैं कि शरद पूर्णिमा की औषधीय गुणों की चांदनी के कारण इस दिन खीर बनाकर चांदनी में रखना चाहिए और सवेरे उसे अवश्य खाना चाहिए। यह शरीर के लिए काफी लाभक ारी होती है।

कथा

एक साहुकार के दो पुत्रियाँ थी।[1] दोनो पुत्रियाँ पुर्णिमा का व्रत रखती थी। परन्तु बडी पुत्री पूरा व्रत करती थी और छोटी पुत्री अधुरा व्रत करती थी। परिणाम यह हुआ कि छोटी पुत्री की सन्तान पैदा ही मर जाती थी। उसने पंडितो से इसका कारण पूछा तो उन्होने बताया की तुम पूर्णिमा का अधूरा व्रत करती थी जिसके कारण तुम्हारी सन्तान पैदा होते ही मर जाती है। पूर्णिमा का पुरा विधिपुर्वक करने से तुम्हारी सन्तान जीवित रह सकती है।

उसने पंडितों की सलाह पर पूर्णिमा का पूरा व्रत विधिपूर्वक किया। उसके लडका हुआ परन्तु शीघ्र ही मर गया। उसने लडके को पीढे पर लिटाकर ऊपर से पकडा ढक दिया। फिर बडी बहन को बुलाकर लाई और बैठने के लिए वही पीढा दे दिया। बडी बहन जब पीढे पर बैठने लगी जो उसका घाघरा बच्चे का छू गया। बच्चा घाघरा छुते ही रोने लगा।बडी बहन बोली-” तु मुझे कंलक लगाना चाहती थी। मेरे बैठने से यह मर जाता।“ तब छोटी बहन बोली, ” यह तो पहले से मरा हुआ था। तेरे ही भाग्य से यह जीवित हो गया है। तेरे पुण्य से ही यह जीवित हुआ है। “उसके बाद नगर में उसने पुर्णिमा का पूरा व्रत करने का ढिंढोरा पिटवा दिया। ॐ

विधान

इस दिन मनुष्य विधिपूर्वक स्नान करके उपवास रखे और जितेन्द्रिय भाव से रहे। धनवान व्यक्ति ताँबे अथवा मिट्टी के कलश पर वस्त्र से ढँकी हुई स्वर्णमयी लक्ष्मी की प्रतिमा को स्थापित करके भिन्न-भिन्न उपचारों से उनकी पूजा करें, तदनंतर सायंकाल में चन्द्रोदय होने पर सोने, चाँदी अथवा मिट्टी के घी से भरे हुए १०० दीपक जलाए।इसके बाद घी मिश्रित खीर तैयार करे और बहुत-से पात्रों में डालकर उसे चन्द्रमा की चाँदनी में रखें। जब एक प्रहर (३ घंटे) बीत जाएँ, तब लक्ष्मीजी को सारी खीर अर्पण करें। तत्पश्चात भक्तिपूर्वक सात्विक ब्राह्मणों को इस प्रसाद रूपी खीर का भोजन कराएँ और उनके साथ ही मांगलिक गीत गाकर तथा मंगलमय कार्य करते हुए रात्रि जागरण करें।तदनंतर अरुणोदय काल में स्नान करके लक्ष्मीजी की वह स्वर्णमयी प्रतिमा आचार्य को अर्पित करें।इस रात्रि की मध्यरात्रि में देवी महालक्ष्मी अपने कर-कमलों में वर और अभय लिए संसार में विचरती हैं और मन ही मन संकल्प करती हैं कि इस समय भूतल पर कौन जाग रहा है? जागकर मेरी पूजा में लगे हुए उस मनुष्य को मैं आज धन दूँगी।

इस प्रकार प्रतिवर्ष किया जाने वाला यह कोजागर व्रत लक्ष्मीजी को संतुष्ट करने वाला है। इससे प्रसन्न हुईं माँ लक्ष्मी इस लोक में तो समृद्धि देती ही हैं और शरीर का अंत होने पर परलोक में भी सद्गति प्रदान करती हैं।

GUIDELINES FOR SCHOOLS/COLLEGES/INSTITUTIONS ON INFLUENZA A/H1N1

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There have been some cases of Influenza A H1N1 virus among students and staff in certain schools, primarily in Delhi and Maharashtra. There has been considerable speculation over the need for closure of schools to control the outbreak. This matter has been considered by the Joint Monitoring Group in the Ministry of Health and Family Welfare. All schools and colleges are advised to observe the following guidelines for managing cases of infection of Influenza AH1N1.

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(i) Any student or staff member showing flu like symptoms such as fever, cough, running nose and difficulty in breathing should be allowed to stay at home for a period of 7 to 10 days.

(ii) Educational institutions should not insist on production of medical certificate by the student/staff.

(iii) Educational institutions should monitor the health status of such students/staff who might have come in contact with a suspected case of Influenza AH1N1 to see whether they develop flu like symptoms. In case they do so, they should be allowed to stay home, as outlined at (i) above

(iv) In case of students staying in Hostels, the educational institutions would not only monitor the health status of the students, but also that of care providers. It has to be ensured that the care providers wear face mask and wash hands regularly. It might not be advisable to send the boarders back to home, as it would spread infection further.

(v) Educational institutions are further encouraged to report such cases to local health officers for further monitoring.

(vi) Given the current magnitude of the spread of AH1N1 infection and the fact that the current virus is fairly mild, closure of educational institutions on account of any student/staff member falling ill with flu like symptoms is not recommended.

(vii) In the first place, the schools should discourage the excursions of the students to the affected countries.

(viii) In case if the students had proceeded to affected countries on unavoidable tours, then on their return, if some students show flu like symptoms of fever, sore- throat , cough , body ache, running nose, difficulty breathing etc. they should be advised to abstain from attending school and be allowed to stay at home for a period of 7 to 10 days.

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Swine Flu symptoms

Swine Flu symptoms

Toll Free Numbers

Guidelines for screening centres and isolation facilities in hospitals

Advertisements (I / II / III)

Guidelines for diagnostic laboratories

Guidelines on categorisation of Influenza A H1N1 cases during screening for home isolation, testing, treatment and hospitalization

Appeal by Hon’ble Minister
Do’s & Don’ts for Influenza A [H1N1] DOC

Fact Sheet on Influenza A [H1N1]

Guidelines for testing, Home isolation and treatment

Guidelines for Schools, Colleges and Institutions

Draft Action Plan for Pandemic Preparedness and Response DOCLetter from Secretary(H) to Chief Secretaries of all States/Uts PDF

Letter from Joint Secretary(H) to Secretaries/Principal Secretaries of all States/Uts PDF

CD ALERT PDF

Swine Flu- Clinical Management Protocol and Infection Control Guidelines DOC

Travel Advisory to the Public

List of H1N1 affected countries as on 16.6.2009

Guidelines for Sample Collection and Handling of Human Clinical samples for Laboratory Diagnosis of H1N1 Influenza PDF

List of Isolation facilities and nodal officers of the States DOC

SWINE FLU
INFLUENZA A (H1N1) KEY FACTS

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What is influenza
A(H1N1) Influenza – A (H1N1) (earlier know as swine flu) is a new influenza virus causing illness in people.First detected in Mexico in April, 2009, it has spread to many countries in the World. Swine flu is basically a misnomer. This was originally referred to as “swine flu” because laboratory testing showed that many of the genes in this new virus were very similar to those found in pigs in North America. Further on, it has been found that this new virus has gene segments from the swine, avian and human flu virus genes. The scientists calls this a ‘quadruple reassortant” virus and hence this new (novel) virus is christened “influenza-A (H1N1) virus.”

Influenza A(H1N1) outbreak
It is causing an epidemic among humans in Mexico and it has spread to Argentina, Australia, Austria, Belgium, Brazil, Canada, Chile, China, Colombia, Costa Rica, Cuba, Denmark, Ecuador, El Salvador, Finland, France, Germany, Guatemala, India, Ireland, Israel, Italy, Japan, Republic of Korea, Malaysia, Netherlands, New Zealand, Norway, Panama, Peru, Poland, Portugal, Spain, Sweden, Switzerland, Thailand, Turkey, UK and USA.

Are there human/infections with influenza – A (H1N1) in India?
One passenger who traveled to India from USA has tested positive for Influenza A [H1N1]. There is no further spread from him. Do not panic!

Is it safe to take pork items?
Pigs have nothing to do with this disease. Pork products are absolutely safe if properly cooked. There is no need to cull pigs. Do not panic if some pigs die in the community due to natural disease.

Is this flu virus contagious?
Influenza A (H1N1) virus is contagious and spreading from human to human.

What are the signs and symptoms of influenza-A (H1N1) in people?
The symptoms of swine flu in people are similar to the symptoms of regular seasonal flu and include fever, cough, sore throat, body aches, headache, chills and fatigue. Some people have reported diarrhea and vomiting associated with influenza-A (H1N1).

How does influenza-A (H1N1) spread?
Flu viruses are spread mainly from person to person through droplets created while coughing or sneezing by a person infected with the influenza-A (H1N1).

Is it safe to take pork items?
Pigs have nothing to do with this disease. Pork products are absolutely safe if properly cooked. There is no need to cull pigs. Do not panic if some pigs die in the community due to natural disease.

How can someone with the flu infect someone else?
Infected person may be able to infect others beginning one day before symptoms develop and up to seven or more days after becoming sick.

How to keep away from getting the flu?
First and most important: Follow simple steps as cough etiquettes (covering mouth & nose with handkerchief or tissue paper while coughing), stay at least an arm’s length from persons coughing or sneezing, avoid gathering and wash your hands frequently. Try to stay in good general health. Get plenty of sleep, be physically active, manage your stress, drink plenty of fluids and eat nutritious food.

Are there medicines to treat this flu?
Yes. Necessary medicines in sufficient quantity are available. The Government has in the designated hospitals stored medicines if required. It is strongly advisable not to take medicines of your own, as it will lower your immunity.

Are there medicines to treat this flu?
Yes. Necessary medicines in sufficient quantity are available. The Government has in the designated hospitals stored medicines if required. It is strongly advisable not to take medicines of your own, as it will lower your immunity.

What can I do to protect myself from getting sick?
(a) Cover your nose and mouth with a tissue when you cough or sneeze. Throw the tissue in the trash after you use it.
(b) Wash your hands often with soap and water, especially after you cough or sneeze. Alcohol-based hand cleaners are also effective.
(c) Avoid touching your eyes, nose or mouth. Germs spread this way.
(d) Try to avoid close contact with people having respiratory illness.
(e) If one gets sick with influenza, one must stay at home, away from work or school and limit contact with others to keep from infecting them. However, if one is having any respiratory distress, one should report to a nearby hospital.

What steps Government of India taking to prevent outbreak of this flu in India?
(1)The strategy is basically to detect early cases among the passengers coming from the affected countries either by air, road or ship.
(2)The Government has launched a massive mass media campaign to inform and educate people on dos and do nots.
(3)Sharing information with public through media.

Source : Ministry of Health & Family Welfare http://www.mohfw.nic.in

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Revised Guidelines for testing of persons with flu like symptoms reporting at hospitals notified for influenza H1N1

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So far, the present guidelines stipulate that a person suspected of influenza A H1N1 need to be referred to an identified govt. health facility. He/she needs to be kept in an isolation facility in that hospital and if found positive, is treated accordingly.

In order to make the testing facility for H1N1 more accessible at large and due to the onset of the Influenza season in the country, it has been decided to revise the existing guidelines.

Under the new guidelines, any person with flu like symptoms such as fever, cough, sore throat, cold, running nose etc. should go to a designated Government facility for giving his/her sample for testing for the H1N1 virus. After clinical assessment, the designated medical officer would decide on the need for testing. Except for cases that are severe, the patient would be allowed to go home (This was not allowed under the existing guidelines).

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The sample of the suspect case would be collected and sent to the notified laboratory for testing. If tested as positive for H1N1 and in case the symptoms are mild, the patient would be informed and given the option of admission into the hospital or isolation and treatment at his own home.

In case the patient opts for home isolation and treatment, he/she would be provided with detailed guidelines / safety measures to be strictly adhered to by the entire household of the patient. He/ she would have to provide full contact details of his entire household. The house hold and social contacts would be provided with the preventive treatment.

Notwithstanding the above guidelines, the decision of the doctor of the notified hospital about admitting the patient would be final.

In case the test is negative, the patient will accordingly be informed.

These guidelines have been issued by the Government in public interest and shall be reviewed from time to time depending on the spread of the pandemic and its severity in the country. These guidelines would however not apply to passengers who are identified through screening at the points of entry. The existing policy of isolating passengers with flu like symptoms would continue.

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Toll Free Help lines for Swine Flu

Toll Free Nos:
All India Level Toll free number 1075(toll free) or 1800-11-4377

Puducherry: 1070 and 1077

Punjab: 1075

Andhra Pradesh: 12506

NICD Call center: 011-23921401

SMS Facility : Type H1N1HYD
& Send to 55352
Websites: http://www.mohfw.nic.in
Source : Ministry of Health & Family Welfare http://www.mohfw.nic.in

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